कूल्हे की हड्डी टूटने के बाद पुनर्वास
कूल्हे की हड्डी टूटने के बाद ठीक होना · कूल्हा बदलने के बाद पुनर्वास · कूल्हे की हड्डी टूटने के बाद चलना · बुज़ुर्गों में कूल्हे का फ्रैक्चर
कूल्हे के ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को धीरे-धीरे उठना, चलना और अपना काम खुद करना सिखाया जाता है। अभ्यास फिज़ियोथेरेपिस्ट या पुनर्वास विशेषज्ञ करवाते हैं।
कूल्हे की हड्डी टूटने के ऑपरेशन के बाद, चलना वापस लाने और लेटे रहने की जटिलताओं से बचने के लिए।
⏱ कितना समय लगता है: अभ्यास आमतौर पर 30–60 मिनट; ठीक होने में कई हफ्ते या महीने

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- कपड़े. आरामदायक कपड़े और बंद जूते जिनके तलवे फिसलने वाले न हों, बिना फीते के।
- सहारा. वॉकर या बैसाखी — कौन-सी चाहिए, पुनर्वास विशेषज्ञ बताएंगे।
- घर. फर्श से कालीन और तार हटा दें, नाइट लैंप और बाथरूम में पकड़ने की रॉड लगवाएं।
साथ क्या लाएँ
- ऑपरेशन के बाद का डिस्चार्ज पेपर
- वॉकर या बैसाखी
- आरामदायक जूते
- दवाओं की सूची
यह कैसे होता है
- पुनर्वास विशेषज्ञ देखते हैं कि आप कैसे बैठते, खड़े होते और पैर हिलाते हैं
- बिस्तर से सही तरीके से उठना और बैठना सिखाते हैं
- वॉकर या बैसाखी से चलने का अभ्यास कराते हैं
- पैर और पीठ की मांसपेशियों की कसरतें कराते हैं
- सीढ़ियां चढ़ना और घर में सुरक्षित चलना सिखाते हैं
- हर दिन के लिए कसरतें देते हैं
आपको क्या महसूस होगा
- शुरू में चलना भारी और डरावना लगता है — यह सामान्य है
- अभ्यास के बाद पैर में दर्द रह सकता है
- पहले हफ्तों में जल्दी थक जाते हैं
उसके बाद
- जैसे दिखाया गया है, रोज़ कसरतें करें
- सर्जन की पाबंदियां मानें — जैसे गहरा झुकना या पैर क्रॉस करना मना
- जब तक अनुमति न मिले, बिना सहारे न चलें
- थोड़ा-थोड़ा, पर बार-बार चलें
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- कूल्हे में तेज़ दर्द, पैर छोटा हो गया या बाहर की ओर मुड़ गया — डॉक्टर को फोन करें
- पिंडली में सूजन और दर्द
- अचानक सांस फूलना या सीने में दर्द — आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
- गिरने के बाद ऑपरेशन वाले पैर में दर्द
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बुज़ुर्ग फिर से चल पाएंगे?
कई लोग सहारे के साथ या बिना सहारे चलने लगते हैं। जितनी जल्दी हिलना-डुलना शुरू हो, उतना बेहतर नतीजा।
क्या ठीक होने तक लेटे रह सकते हैं?
ज़्यादा लेटे रहना खतरनाक है: बेडसोर, निमोनिया, खून के थक्के। डॉक्टर की अनुमति से जितनी जल्दी हो सके उठना शुरू करें।