← सभी गाइड · मूत्र रोग (यूरोलॉजी)
पेशाब की डायरी
पेशाब की डायरी · शौचालय की डायरी · पेशाब का कैलेंडर · पीने और शौचालय की डायरी
घर पर कुछ दिन आप लिखते हैं कि कितना पिया और कब शौचालय गए। कभी यह भी कि एक बार में कितना पेशाब हुआ।
बार-बार तलब, रात में शौचालय जाने, पेशाब रुक न पाने में। डॉक्टर डायरी से वह देखते हैं जो याद रखना मुश्किल है।
⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर 2–3 दिन लिखना, मुलाक़ात में उसका विश्लेषण

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- फ़ॉर्म. डॉक्टर से फ़ॉर्म लें या कॉपी में खाने बनाएँ: समय, कितना पिया, कितना पेशाब, तलब थी या रिसाव।
- नापने का बर्तन. निशान वाला नापने का मग या डिब्बा चाहिए — उसमें पेशाब करें और मात्रा लिखें।
- दिन. ऐसे आम दिन चुनें जब आप घर पर हों। हमेशा की तरह पिएँ और रहें।
साथ क्या लाएँ
- भरी हुई डायरी
- डॉक्टर की पर्ची, अगर हो
यह कैसे होता है
- सुबह उठने का समय लिखें
- हर बार समय और कितना पिया लिखें
- हर बार शौचालय जाने पर समय और पेशाब की मात्रा लिखें
- तेज़ तलब और रिसाव, अगर हुआ हो तो, लिखें
- रात में उठना भी लिखें
- मुलाक़ात में डायरी डॉक्टर को दें
आपको क्या महसूस होगा
- पहला दिन झंझट लगता है, फिर आदत हो जाती है
- कभी झिझक होती है — डॉक्टर को सच्चे आँकड़े चाहिए
उसके बाद
- मुलाक़ात में डायरी लाएँ
- डॉक्टर उसे देखकर आगे का रास्ता बताएँगे
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सामान्य से ज़्यादा या कम पीना चाहिए?
नहीं। हमेशा की तरह पिएँ, वरना डायरी आपकी असली तस्वीर नहीं दिखाएगी।
अगर कोई प्रविष्टि छूट जाए तो?
कोई बात नहीं। छूट को चिह्नित करें और आगे लिखते रहें।