स्ट्रोक के बाद निगलने की क्षमता वापस लाना
स्ट्रोक के बाद निगलने में दिक्कत · निगलने की थेरेपी · निगलने की कसरत · स्ट्रोक के बाद निगल नहीं पाना
विशेषज्ञ देखते हैं कि मरीज़ कैसे निगलता है, और ऐसी कसरतें और तरीके सिखाते हैं जिनसे खाना सांस की नली में न जाए। सुरक्षित खाना चुना जाता है।
जब स्ट्रोक के बाद मरीज़ को खाते समय अटकता है, खांसी आती है या निगलने में मुश्किल होती है।
⏱ कितना समय लगता है: सत्र आमतौर पर 30–45 मिनट का; कोर्स हफ्तों या महीनों का

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- खाना. जब तक विशेषज्ञ निगलने की जांच न कर लें, खाना या पानी न दें। क्लिनिक से पूछ लें।
- बैठने का तरीका. खाना सीधा बैठकर खाना चाहिए, लेटकर नहीं।
- दांत. नकली दांत और मुंह की सफ़ाई ज़रूरी है, नकली दांत साथ ले आएं।
साथ क्या लाएँ
- स्ट्रोक के बाद के डिस्चार्ज के कागज़
- नकली दांत
- दवाओं की सूची
यह कैसे होता है
- विशेषज्ञ मुंह, जीभ और आवाज़ की जांच करते हैं
- अलग-अलग गाढ़ेपन का थोड़ा पानी या खाना चखने को देते हैं
- कभी-कभी कैमरे या एक्स-रे से निगलने की जांच करवाई जाती है
- जीभ, होंठ और गले की कसरतें सिखाई जाती हैं
- खाने और पीने की चीज़ों का सही गाढ़ापन तय किया जाता है
- परिवार को सुरक्षित तरीके से खिलाना दिखाया जाता है
आपको क्या महसूस होगा
- कसरतों में दर्द नहीं होता, पर थकान होती है
- गाढ़ा किया हुआ पानी शुरू में स्वाद में अजीब लगता है
उसके बाद
- बैठकर, धीरे-धीरे, छोटे-छोटे निवाले खाएं
- खाते समय बातचीत और टीवी से ध्यान न बंटाएं
- खाने के बाद 20–30 मिनट न लेटें
- मुंह साफ़ रखें
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- अटक गया, खांसकर निकाल नहीं पा रहा और दम घुट रहा है तो आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
- बुखार, खांसी, सांस फूलना, निमोनिया हो सकता है, डॉक्टर को तुरंत बताएं
- खाने से मना करता है और जल्दी दुबला हो रहा है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पानी को गाढ़ा क्यों करते हैं?
गाढ़ी चीज़ निगलना आसान है और वह कम ही सांस की नली में जाती है।
क्या निगलना फिर ठीक हो जाएगा?
कई लोगों में पहले हफ्तों और महीनों में निगलना बेहतर हो जाता है। कसरतें मदद करती हैं।