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घर पर पीक फ्लो जाँच
पीक फ्लो मीटर · साँस की रफ़्तार की जाँच · अस्थमा डायरी · पीक एक्सपिरेटरी फ्लो
पीक फ्लो मीटर एक छोटा-सा यंत्र है, जिसमें आप ज़ोर से साँस छोड़ते हैं। इससे पता चलता है कि अभी साँस की नलियों से हवा कितनी आसानी से आ-जा रही है।
ज़्यादातर अस्थमा में, ताकि आप घर पर अपनी साँस पर नज़र रख सकें और तकलीफ़ बढ़ने पर समय रहते पता चल जाए।
⏱ कितना समय लगता है: एक बार की जाँच में लगभग एक मिनट; आमतौर पर सुबह और शाम

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- समय. आमतौर पर रोज़ सुबह और शाम, एक ही समय पर नापते हैं। कितनी बार नापना है, यह डॉक्टर बताएँगे।
- दवा. आमतौर पर इनहेलर लेने से पहले नापते हैं। डॉक्टर से पूछ लें। अपने आप इलाज न बदलें।
- डायरी. नतीजे कॉपी या मोबाइल ऐप में लिखते जाएँ।
साथ क्या लाएँ
- पीक फ्लो मीटर
- नतीजों की डायरी
- इनहेलर
यह कैसे होता है
- यंत्र का तीर शून्य पर रखें
- सीधे खड़े हों या बैठें
- गहरी साँस लें
- मुँह से मुखनली को कसकर पकड़ें
- जितना ज़ोर से और तेज़ हो सके, साँस छोड़ें
- यह 3 बार करें और सबसे अच्छा नतीजा लिख लें
आपको क्या महसूस होगा
- दर्द नहीं होता
- कभी-कभी ज़ोर से साँस छोड़ने पर खाँसी या हल्का चक्कर आ सकता है
उसके बाद
- नतीजों की तुलना अपने सामान्य स्तर से करते रहें
- डॉक्टर से मिलने पर डायरी दिखाएँ
- डॉक्टर एक योजना दे सकते हैं कि नतीजे गिरने पर क्या करना है
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- नतीजा बहुत गिर गया है और इनहेलर से आराम नहीं मिल रहा — आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
- बोलने में मुश्किल हो रही है, होंठ नीले पड़ रहे हैं — आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कितना नतीजा सामान्य है?
सामान्य स्तर हर व्यक्ति का अलग होता है। वह आपके सबसे अच्छे नतीजे से तय होता है। डॉक्टर आपको बता देंगे कि कौन-सा स्तर कैसा है।
कितनी बार फूँकना है?
आमतौर पर लगातार 3 बार, और सबसे अच्छा नतीजा लिखा जाता है।