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गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही की स्क्रीनिंग

दूसरी स्क्रीनिंग · तीसरी स्क्रीनिंग · 20 हफ़्ते का अल्ट्रासाउंड · 32 हफ़्ते का अल्ट्रासाउंड · गर्भावस्था में डॉपलर

गर्भावस्था के दूसरे और तीसरे हिस्से में शिशु का अल्ट्रासाउंड। डॉक्टर देखते हैं कि बच्चा कैसे बढ़ रहा है, उसके अंग, प्लेसेंटा और पानी कैसे हैं।

यह सभी गर्भवती महिलाओं को कराने की सलाह दी जाती है: दूसरी स्क्रीनिंग आमतौर पर 18–21 हफ़्ते पर, तीसरी लगभग 30–34 हफ़्ते पर। सही समय डॉक्टर बताएँगे।

⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर 30–40 मिनट

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ

तैयारी कैसे करें

  • तैयारी. कोई ख़ास तैयारी नहीं। इन हफ़्तों में आमतौर पर मूत्राशय भरा होना ज़रूरी नहीं है।
  • खाना. आप हमेशा की तरह खा सकती हैं। भूखे पेट आने की ज़रूरत नहीं।
  • कपड़े. आरामदेह कपड़े, जिनसे पेट आसानी से खुल सके।

साथ क्या लाएँ

  • गर्भावस्था का कार्ड या डॉक्टर की पर्ची
  • पहले की स्क्रीनिंग और अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट
  • टिश्यू या तौलिया

यह कैसे होता है

  1. आप पीठ के बल लेटती हैं और पेट खोलती हैं
  2. डॉक्टर जेल लगाकर पेट के ऊपर से शिशु को देखते हैं
  3. बच्चे की बढ़त नापी जाती है और उसके अंग जाँचे जाते हैं
  4. प्लेसेंटा, पानी की मात्रा और बच्चेदानी का मुँह देखा जाता है
  5. तीसरी स्क्रीनिंग में अक्सर खून का बहाव भी जाँचा जाता है, इसे डॉपलर कहते हैं

आपको क्या महसूस होगा

  • दर्द नहीं होता, प्रोब का दबाव महसूस होता है
  • पीठ के बल लेटने पर चक्कर आए या मिचली हो तो बता दें, आपको करवट दिला दी जाएगी
  • आप स्क्रीन पर शिशु को देख सकती हैं

उसके बाद

  • रिपोर्ट आमतौर पर तुरंत मिल जाती है
  • अगर किसी बात को और साफ़ करना हो तो डॉक्टर बताएँगे कि कौन-सी जाँचें चाहिए

इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

  • खून जैसा स्राव, पानी की थैली से रिसाव या पेट में तेज़ दर्द हो तो आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
  • बच्चे की हलचल काफ़ी कम हो जाए तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ
  • तेज़ सिरदर्द, आँखों के आगे धब्बे या चेहरे पर सूजन हो तो आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या दूसरी स्क्रीनिंग में बच्चे का लिंग पता चल सकता है?

आमतौर पर हाँ, अगर बच्चा सही स्थिति में हो। पर मुख्य मक़सद यह जाँचना है कि वह कैसे विकसित हो रहा है।

अगर दूसरी स्क्रीनिंग ठीक थी तो तीसरी क्यों?

गर्भ के आख़िर में यह देखना ज़रूरी होता है कि बच्चा कैसे बढ़ रहा है, प्लेसेंटा कैसे काम कर रही है और बच्चा प्रसव से पहले किस स्थिति में है।