लिवर इलास्टोग्राफ़ी (फ़ाइब्रोस्कैन)
फ़ाइब्रोस्कैन · फ़ाइब्रोस्कैनिंग · लिवर की कठोरता की जाँच · लिवर इलास्टोग्राफ़ी
मशीन अल्ट्रासाउंड से नापती है कि लिवर कितना कड़ा है। न इंजेक्शन, न रेडिएशन।
यह जानने के लिए कि लिवर में कड़ापन यानी फ़ाइब्रोसिस है या नहीं: हेपेटाइटिस, फैटी लिवर, बार-बार शराब पीने और जाँच रिपोर्ट में बदलाव पर।
⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर 10–15 मिनट

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- खाना. आमतौर पर 3 घंटे कुछ न खाएँ: खाने के बाद लिवर कुछ देर के लिए कड़ा हो जाता है। सही समय क्लिनिक से पूछ लें।
- पानी. थोड़ा सादा पानी आमतौर पर पी सकते हैं।
- कपड़े. आरामदायक कपड़े, ताकि दाईं ओर का हिस्सा आसानी से खुल सके।
साथ क्या लाएँ
- डॉक्टर का रेफ़रल
- पुराने अल्ट्रासाउंड, इलास्टोग्राफ़ी और लिवर की जाँच रिपोर्ट
- जेल पोंछने के लिए टिशू
यह कैसे होता है
- आप पीठ के बल लेटते हैं
- दायाँ हाथ सिर के ऊपर रखते हैं, ताकि पसलियों के बीच की जगह चौड़ी हो
- दाईं ओर थोड़ा जेल लगाया जाता है
- पसलियों के बीच प्रोब रखा जाता है
- मशीन लगभग 10 माप लेती है, आप शांत लेटे रहते हैं
आपको क्या महसूस होगा
- हर माप में हल्का झटका या थपथपाहट लगती है
- दर्द नहीं होता
उसके बाद
- जेल पोंछ दिया जाता है, तुरंत खा सकते हैं
- नतीजा आमतौर पर उसी समय आँकड़ों में मिलता है
- आँकड़ों का मतलब आपके डॉक्टर समझाएँगे
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या फ़ाइब्रोस्कैन और लिवर का अल्ट्रासाउंड एक ही चीज़ है?
नहीं। अल्ट्रासाउंड बताता है कि लिवर कैसा दिखता है। इलास्टोग्राफ़ी उसका कड़ापन नापती है। अक्सर दोनों साथ किए जाते हैं।
फ़ाइब्रोस्कैन के लिए खाली पेट क्यों आना है?
खाने के बाद लिवर कुछ समय के लिए कड़ा हो जाता है और नतीजा बढ़ा हुआ आ सकता है। इसलिए आमतौर पर 3 घंटे कुछ नहीं खाना होता।