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पेशाब में माइक्रोएल्ब्यूमिन
माइक्रोएल्ब्यूमिनुरिया · पेशाब में एल्ब्यूमिन · पेशाब में प्रोटीन · MAU
यह पेशाब की जाँच है। इसमें प्रोटीन (एल्ब्यूमिन) की बहुत थोड़ी मात्रा ढूँढी जाती है, जो आम जाँच में नहीं दिखती।
डायबिटीज़ और ऊँचे ब्लड प्रेशर में साल में एक बार, ताकि गुर्दों पर पड़ने वाला बोझ जल्दी पकड़ में आए।
⏱ कितना समय लगता है: नमूना लेने में 5 मिनट, रिपोर्ट आमतौर पर 1 से 2 दिन में

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- एक दिन पहले. भारी कसरत और शराब से बचें। मांस ज़्यादा न खाएँ।
- नमूना. ज़्यादातर सुबह का पेशाब लिया जाता है, कभी-कभी 24 घंटे का। लैब से पूछ लें कि आपके लिए कौन सा चाहिए।
- दवाएँ. खुद से बंद न करें। डॉक्टर को बताएँ कि क्या लेते हैं।
साथ क्या लाएँ
- पेशाब वाला डिब्बा
- डॉक्टर की पर्ची
- पहचान पत्र
यह कैसे होता है
- सुबह साबुन के बिना गुनगुने पानी से जननांग साफ़ करें
- पेशाब की शुरुआती कुछ सेकंड शौचालय में करें
- बीच की धार साफ़ (स्टेराइल) डिब्बे में इकट्ठा करें
- ढक्कन बंद करें और 1 से 2 घंटे के अंदर लैब पहुँचा दें
आपको क्या महसूस होगा
- कुछ भी तकलीफ़देह नहीं
उसके बाद
- रिपोर्ट आमतौर पर 1 से 2 दिन में
- अगर नतीजा ज़्यादा आए तो डॉक्टर आमतौर पर जाँच दोहराने को कहते हैं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अगर एल्ब्यूमिन ज़्यादा आया तो क्या गुर्दे खराब हैं?
ज़रूरी नहीं। कसरत के बाद या बुखार में यह अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। इसीलिए जाँच दोहराई जाती है।
डायबिटीज़ में कितनी बार कराएँ?
आमतौर पर साल में एक बार। सही बात आपके डॉक्टर बताएँगे।