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याददाश्त की जाँच (डिमेंशिया स्क्रीनिंग)
डिमेंशिया की जाँच · बुज़ुर्गों की याददाश्त की जाँच · कॉग्निटिव टेस्ट · याददाश्त की जाँच · भूलने की समस्या
डॉक्टर सवाल पूछते हैं और याददाश्त, ध्यान और सोचने के आसान काम देते हैं। इससे याददाश्त की दिक्कतें जल्दी पकड़ी जा सकती हैं।
जब व्यक्ति को या घरवालों को भूलना, उलझन, या रोज़ के कामों में दिक्कत दिखे।
⏱ कितना समय लगता है: जाँच आमतौर पर 15 से 30 मिनट, मुलाकात लगभग एक घंटा

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- साथ में कोई. अच्छा होगा कि कोई करीबी साथ आए, वह बता सकेगा कि उसने क्या देखा।
- नींद. एक दिन पहले अच्छी नींद लें और मुलाकात से पहले खा लें।
- चश्मा. चश्मा और सुनने की मशीन ले जाएँ, उनके बिना जाँच सटीक नहीं होगी।
साथ क्या लाएँ
- दवाओं की सूची
- चश्मा, सुनने की मशीन
- पुरानी रिपोर्टें और जाँचें, अगर हों
यह कैसे होता है
- डॉक्टर आपसे और साथ आए करीबी से पूछते हैं
- काम देते हैं: शब्द याद रखना, तारीख बताना, घड़ी बनाना
- ध्यान, गिनती और बोलना जाँचते हैं
- नतीजा समझाते हैं
- ज़रूरत हो तो खून की जाँचें और MRI लिखते हैं
- अगली मुलाकात तय करते हैं
आपको क्या महसूस होगा
- जाँच में दर्द नहीं होता
- कुछ न कर पाने पर घबराहट या संकोच हो सकता है, यह सामान्य है
उसके बाद
- अगर जाँच में बदलाव दिखे तो डॉक्टर और जाँचें लिखेंगे
- कारण ठीक होने लायक भी हो सकते हैं: विटामिन की कमी, थायरॉइड, उदासी (डिप्रेशन)
- जाँच आमतौर पर कुछ समय बाद दोहराई जाती है
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- अचानक उलझन, हाथ या पैर में कमज़ोरी, बोलने में गड़बड़ी: आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह जाँच तुरंत निदान कर देती है?
नहीं। जाँच सिर्फ़ पहला कदम है। निष्कर्ष के लिए डॉक्टर की जाँच और परीक्षण चाहिए।
क्या जाँच के लिए तैयारी कर सकते हैं?
खास तैयारी की ज़रूरत नहीं। बस अच्छी नींद लें और चश्मा ले जाएँ।