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मल में छिपे खून की जांच
मल की जांच (छिपा खून) · FIT टेस्ट · मल में खून की जांच · FOBT
मल में ऐसा खून ढूंढा जाता है जो आंखों से नहीं दिखता। इससे आंतों के पॉलिप और गांठों का शुरुआत में ही शक हो सकता है।
आमतौर पर 45–50 साल के बाद जांच के लिए, खून की कमी में, या मल में बदलाव होने पर — यह डॉक्टर तय करते हैं।
⏱ कितना समय लगता है: घर पर नमूना लेने में 5 मिनट, रिपोर्ट 1–3 दिन में

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- डिब्बा. लैब से डंडी वाला खास डिब्बा लें। यह जांच साधारण डिब्बी में नहीं होती।
- खाना. आजकल की इम्यूनोकेमिकल जांच के लिए परहेज़ की ज़रूरत नहीं होती। अगर जांच दूसरी तरह की है तो लैब से पूछ लें।
साथ क्या लाएँ
- नमूने वाला डिब्बा
- रेफरल पर्ची
यह कैसे होता है
- मल ऐसे इकट्ठा करें कि वह पानी में न गिरे — जैसे साफ कागज़ पर
- डिब्बे की डंडी से मल के कई हिस्सों से थोड़ा-थोड़ा नमूना लें
- डंडी को डिब्बे में डालकर कसकर बंद करें
- जो समय बताया गया हो, उसी में लैब में पहुंचा दें
आपको क्या महसूस होगा
- कुछ नहीं — इसमें दर्द नहीं होता
उसके बाद
- अगर जांच पॉज़िटिव आए तो यह बीमारी की पुष्टि नहीं है। कारण पता करने के लिए डॉक्टर आमतौर पर कोलोनोस्कोपी करवाने को कहते हैं
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- मल में खून दिखे या मल काला हो — रिपोर्ट का इंतज़ार न करें, डॉक्टर को दिखाएं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अगर जांच पॉज़िटिव है तो क्या यह कैंसर है?
ज़्यादातर मामलों में नहीं। खून बवासीर, फिशर या पॉलिप से भी आ सकता है। लेकिन कारण ढूंढना ज़रूरी है — आमतौर पर कोलोनोस्कोपी की जाती है।