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खून में इलेक्ट्रोलाइट (पोटैशियम, सोडियम, कैल्शियम)
इलेक्ट्रोलाइट · पोटैशियम · सोडियम · कैल्शियम · सीरम इलेक्ट्रोलाइट
यह नस से खून लेकर की जाने वाली जाँच है। इससे खून में उन लवणों का स्तर पता चलता है जो दिल, मांसपेशियों और नसों के लिए ज़रूरी हैं।
कमज़ोरी, दौरे, धड़कन में गड़बड़ी में, पेशाब बढ़ाने वाली दवाएँ लेने पर, उल्टी-दस्त में और गुर्दे की बीमारी में।
⏱ कितना समय लगता है: खून लेने में कुछ मिनट, रिपोर्ट आमतौर पर अगले दिन

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- खाना. आमतौर पर खाली पेट: 8–12 घंटे कुछ नहीं खाना। सादा पानी पी सकते हैं। प्रयोगशाला से पूछ लें।
- एक दिन पहले. एक दिन पहले शराब और भारी कसरत से बचें। सुबह धूम्रपान न करें।
- दवाएँ. खुद बंद न करें। डॉक्टर को बताएँ कि आप क्या ले रहे हैं, वे तय करेंगे कि कुछ बदलना है या नहीं।
साथ क्या लाएँ
- जाँच की पर्ची
- पहचान पत्र
यह कैसे होता है
- आप बैठते हैं और हाथ आर्मरेस्ट पर रखा जाता है
- कोहनी के ऊपर थोड़ी देर के लिए पट्टी बाँधी जाती है
- मुट्ठी ज़ोर से न भींचें, इससे पोटैशियम ग़लत आ सकता है
- त्वचा को एंटीसेप्टिक से पोंछा जाता है
- छोटी-सी सुई लगती है और खून नली में भर जाता है
- सुई निकालकर वहाँ रुई रखी जाती है
आपको क्या महसूस होगा
- छोटी-सी चुभन, चुटकी काटने जैसी
- कभी-कभी हल्का चक्कर आता है। नर्स को बताएँ
उसके बाद
- रुई को 3–5 मिनट दबाकर रखें, हाथ मोड़ें नहीं
- तुरंत खा सकते हैं और अपने काम पर लौट सकते हैं
- रिपोर्ट आमतौर पर 1 दिन में मिलती है, समय प्रयोगशाला बताएगी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पोटैशियम ज़्यादा क्यों आ सकता है?
अगर पट्टी देर तक बँधी रही या मुट्ठी ज़ोर से भींची गई। तब डॉक्टर दोबारा जाँच कराने को कहेंगे।
क्या खाली पेट आना ज़रूरी है?
आमतौर पर हाँ, जाँच सुबह खाली पेट होती है। प्रयोगशाला से पूछ लें।