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कॉर्टिसोल
कॉर्टिसोल टेस्ट · तनाव का हार्मोन · ख़ून में कॉर्टिसोल
यह नस से लिए गए ख़ून की जाँच है। इससे कॉर्टिसोल का स्तर पता चलता है - यह हार्मोन अधिवृक्क ग्रंथियाँ (एड्रेनल ग्लैंड) बनाती हैं।
अधिवृक्क ग्रंथियों की बीमारी के शक में, वज़न या ब्लड प्रेशर में अचानक बदलाव में, बहुत कमज़ोरी में।
⏱ कितना समय लगता है: ख़ून लेने में कुछ मिनट, रिपोर्ट आमतौर पर 1-3 दिन में

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- समय. कॉर्टिसोल दिन भर बदलता रहता है। आमतौर पर ख़ून सुबह, डॉक्टर के बताए समय पर दिया जाता है।
- खाना. आमतौर पर खाली पेट: 8-12 घंटे कुछ न खाएँ। सादा पानी पी सकते हैं। लैब से पूछ लें।
- एक दिन पहले. शराब, भारी कसरत और धूम्रपान नहीं। अच्छी नींद लेने की कोशिश करें।
- दवाएँ. खुद से बंद न करें। डॉक्टर को बताएँ कि आप क्या ले रहे हैं - वे तय करेंगे कि कुछ बदलना है या नहीं।
साथ क्या लाएँ
- डॉक्टर की पर्ची
- पहचान पत्र
यह कैसे होता है
- ख़ून देने से पहले 15-30 मिनट शांति से बैठें - लैब ऐसा कहेगी
- आप बैठते हैं, बाँह हत्थे पर रखी जाती है
- कोहनी के ऊपर पट्टा बाँधा जाता है
- त्वचा को एंटीसेप्टिक से पोंछा जाता है
- छोटी-सी चुभन - ख़ून ट्यूब में भर जाता है
- सुई निकालकर उस जगह रुई रखी जाती है
आपको क्या महसूस होगा
- छोटी-सी चुभन, चुटकी जैसी
- कभी-कभी हल्का चक्कर आता है - नर्स को बताएँ
उसके बाद
- रुई को 3-5 मिनट दबाकर रखें, बाँह मोड़ें नहीं
- तुरंत खा सकते हैं और अपने काम पर लौट सकते हैं
- रिपोर्ट आमतौर पर 1-3 दिन में - समय लैब बताएगी
- कभी-कभी डॉक्टर थूक या पेशाब में कॉर्टिसोल की एक और जाँच लिखते हैं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जाँच का समय क्यों मायने रखता है?
सुबह कॉर्टिसोल ज़्यादा और शाम को कम होता है। डॉक्टर नतीजे की तुलना उस समय के सामान्य स्तर से करते हैं।
क्या घबराहट का असर होगा?
हाँ, तनाव कॉर्टिसोल बढ़ाता है। इसीलिए ख़ून देने से पहले आराम करने को कहा जाता है।