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वीडियो निस्टैग्मोग्राफ़ी (वीएनजी)

वीएनजी · आँखों की हलचल की रिकॉर्डिंग · संतुलन तंत्र की जाँच · चक्कर की जाँच

डॉक्टर कैमरे वाले ख़ास चश्मे से आँखों की हलचल रिकॉर्ड करते हैं। आँखों से पता चलता है कि भीतरी कान का संतुलन अंग कैसे काम कर रहा है।

चक्कर आने, चलते समय डगमगाने, कान में आवाज़ आने या सिर की चोट के बाद, कारण ढूँढने के लिए।

⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर 30–60 मिनट; रिपोर्ट अक्सर उसी दिन

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ

तैयारी कैसे करें

  • दवाएँ. कुछ दवाएँ जाँच में रुकावट बनती हैं। अपने आप बंद न करें, डॉक्टर से पूछें कि कौन-सी दवा कितने दिन पहले रोकनी है।
  • खाना और शराब. 1–2 दिन पहले शराब न पिएँ। आमतौर पर जाँच से 2–3 घंटे पहले भरपेट खाने को मना किया जाता है, क्योंकि मिचली हो सकती है।
  • चेहरा. आँखों पर मेकअप न लगाएँ: काजल और मस्कारा कैमरे में रुकावट डालते हैं।
  • आना-जाना. जाँच के बाद थोड़ा चक्कर आ सकता है। तुरंत गाड़ी न चलाएँ, किसी को साथ ले आएँ।

साथ क्या लाएँ

  • डॉक्टर की पर्ची (रेफरल)
  • ईएनटी डॉक्टर और न्यूरोलॉजिस्ट की पहले की रिपोर्ट
  • आपकी दवाओं की सूची

यह कैसे होता है

  1. आप कुर्सी पर बैठते हैं और सिर पर कैमरे वाला चश्मा पहनाया जाता है
  2. पहले स्क्रीन पर एक बिंदु को आँखों से देखने को कहा जाता है
  3. फिर सिर और शरीर की स्थिति बदली जाती है: लेटना, करवट, घुमाव
  4. कभी-कभी कान में गर्म और ठंडी हवा या पानी डाला जाता है, यह हर कान की अलग जाँच है
  5. डॉक्टर मॉनिटर पर आँखों की हलचल की रिकॉर्डिंग देखते हैं

आपको क्या महसूस होगा

  • दर्द नहीं होता
  • कुछ परीक्षणों में चक्कर आता है और मिचली हो सकती है, यह अपेक्षित है और जल्दी ठीक हो जाता है
  • अगर बहुत बुरा लगे तो डॉक्टर को बताएँ, वे रुक जाएँगे

उसके बाद

  • चक्कर ठीक होने तक 10–15 मिनट बैठे रहें
  • आप अपना सामान्य दिन जारी रख सकते हैं
  • रिपोर्ट अक्सर तुरंत मिलती है, कभी 1–2 दिन में

इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

  • तेज़ सिरदर्द, दोहरा दिखाई देना, हाथ या पैर में कमज़ोरी, बोलने में दिक़्क़त हो तो तुरंत आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जाँच के दौरान चक्कर क्यों आता है?

कुछ परीक्षण जानबूझकर थोड़ी देर का चक्कर पैदा करते हैं। इससे डॉक्टर देखते हैं कि संतुलन अंग कैसे प्रतिक्रिया करता है।

क्या वीएनजी से पहले चक्कर की गोलियाँ ले सकते हैं?

वे नतीजा बदल सकती हैं। डॉक्टर को पहले बता दें, वे तय करेंगे कि रुकना है या नहीं।