किडनी की रक्त नलियों का अल्ट्रासाउंड
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डॉक्टर अल्ट्रासाउंड से देखते हैं कि किडनी की नलियों में खून कैसे बह रहा है। इससे पता चलता है कि कहीं कोई नली सँकरी तो नहीं है।
जब ब्लड प्रेशर दवाओं से ठीक से कम नहीं होता, किडनी की जाँच में कुछ गड़बड़ आती है, या किडनी ट्रांसप्लांट के बाद।
⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर 20–40 मिनट, रिपोर्ट अक्सर तुरंत मिल जाती है

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- खाना. आमतौर पर सुबह खाली पेट आना होता है: 6–8 घंटे कुछ न खाएँ। क्लिनिक से पूछ लें।
- गैस. जाँच से 2–3 दिन पहले गैस बनाने वाली चीज़ें कम खाएँ: पत्तागोभी, राजमा-चना, कोल्ड ड्रिंक, काली ब्रेड।
- दवाएँ. रोज़ की दवाएँ अपने आप बंद न करें। कोई शक हो तो डॉक्टर को बताएँ, वे तय करेंगे।
साथ क्या लाएँ
- डॉक्टर की पर्ची (रेफरल)
- खून और पेशाब की जाँच की रिपोर्ट
- पहले के किडनी के अल्ट्रासाउंड
- दवाओं की सूची
यह कैसे होता है
- आप पीठ के बल लेटते हैं, फिर करवट लेते हैं
- पेट और बगल पर जेल लगाया जाता है
- डॉक्टर प्रोब से किडनी की नलियाँ ढूँढते हैं
- कभी-कभी कुछ सेकंड साँस रोकने को कहा जाता है
- डॉक्टर नलियों में खून की रफ़्तार नापते हैं
आपको क्या महसूस होगा
- ठंडा जेल लगता है और प्रोब का दबाव पेट पर कभी-कभी काफ़ी तेज़ लग सकता है
- साँस रोकना थकाने वाला हो सकता है, डॉक्टर को बता दें
उसके बाद
- आप तुरंत खा सकते हैं और अपने काम पर लौट सकते हैं
- रिपोर्ट आमतौर पर तुरंत मिल जाती है
- अगर कोई नली सँकरी दिखे तो डॉक्टर तय करेंगे कि कोई और जाँच चाहिए या नहीं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
खाली पेट क्यों आना होता है?
आँतों की गैस अल्ट्रासाउंड की तरंगों को रोकती है। खाली पेट में नलियाँ साफ़ दिखती हैं।
क्या इसमें बहुत समय लगता है?
आमतौर पर 20–40 मिनट। किडनी की नलियाँ गहराई में होती हैं, इसलिए डॉक्टर ध्यान से जाँच करते हैं।