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यूरोफ्लोमेट्री (पेशाब की रफ़्तार की जांच)
यूरोफ्लोमेट्री · पेशाब की धार की जांच · पेशाब की रफ़्तार नापना · यूरोफ्लो
आप खास शौचालय या कीप में पेशाब करते हैं और मशीन नापती है कि पेशाब कितनी तेज़ी से और कितना निकलता है।
कमज़ोर धार, बार-बार तेज़ इच्छा, या यह लगने पर कि मूत्राशय पूरा खाली नहीं हुआ। अक्सर प्रोस्टेट की दिक्कतों में।
⏱ कितना समय लगता है: इंतज़ार मिलाकर आमतौर पर 15–30 मिनट

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- भरा हुआ मूत्राशय. तेज़ इच्छा के साथ आएं। आमतौर पर जांच से 1–2 घंटे पहले आधा से एक लीटर पानी पिया जाता है।
- खाली न करें. जांच से पहले शौचालय न जाएं। अगर रोकना बहुत मुश्किल हो, तो स्टाफ़ को बता दें।
- समय. थोड़ा पहले आएं। अगर इच्छा अभी हल्की है, तो क्लिनिक में रुककर पानी पी सकते हैं।
साथ क्या लाएँ
- डॉक्टर की पर्ची (रेफरल)
- पानी की बोतल
- पेशाब की डायरी, अगर डॉक्टर ने रखने को कहा था
यह कैसे होता है
- जब तेज़ इच्छा हो, तो आपको अलग कमरे में ले जाया जाता है
- आप अकेले रहते हैं
- आप खास शौचालय या कीप में रोज़ की तरह पेशाब करते हैं
- मशीन खुद रफ़्तार और मात्रा दर्ज करती है
- अक्सर इसके बाद अल्ट्रासाउंड से देखा जाता है कि मूत्राशय में कितना पेशाब बचा है
आपको क्या महसूस होगा
- कुछ अप्रिय नहीं, सामान्य पेशाब जैसा ही है
- थोड़ी झिझक हो सकती है, पर आप अकेले होंगे
उसके बाद
- आप तुरंत अपने काम पर लौट सकते हैं
- नतीजा आमतौर पर तुरंत मिलता है और यूरोलॉजिस्ट समझाएंगे
- अगर पेशाब कम निकला हो, तो कभी-कभी जांच दोहराई जाती है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यूरोफ्लोमेट्री से पहले कितना पानी पिएं?
आमतौर पर 1–2 घंटे में आधा से एक लीटर। ज़रूरी है कि तेज़ इच्छा के साथ आएं और जांच से पहले शौचालय न जाएं।
जांच कभी-कभी दोहराई क्यों जाती है?
अगर पेशाब कम था या आप घबराए हुए थे, तो नतीजा ग़लत आ सकता है। तब जांच दोहराई जाती है।