प्लाज़्माफेरेसिस
प्लाज़्माफेरेसिस · खून की सफ़ाई · प्लाज़्मा एक्सचेंज · प्लाज़्मा बदलना
मशीन आपका खून लेती है, उसमें से तरल हिस्सा — प्लाज़्मा — अलग करती है और खून की कोशिकाएँ वापस शरीर में लौटा देती है। इस तरह खून से हानिकारक चीज़ें निकल जाती हैं।
रोग प्रतिरोधक तंत्र, खून और नसों की कुछ बीमारियों में और ज़हर के असर में — डॉक्टर के फ़ैसले से।
⏱ कितना समय लगता है: एक सत्र आमतौर पर 1 से 3 घंटे; कोर्स में कई सत्र

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- खाना. सत्र से पहले आमतौर पर हल्का नाश्ता करें। क्लिनिक से पूछ लें।
- दवाएँ. अपने आप बंद न करें। दवा लेने का समय बदल सकता है — डॉक्टर बताएँगे।
- कपड़े. ढीली आस्तीन वाले कपड़े पहनें।
साथ क्या लाएँ
- रेफ़रल पर्ची
- पहचान पत्र
- दवाओं की सूची
- पानी और कोई किताब
यह कैसे होता है
- आपका वज़न और ब्लड प्रेशर नापा जाता है
- नस में कैथेटर लगाया जाता है या पहले से लगे कैथेटर को जोड़ा जाता है
- खून मशीन में जाता है और प्लाज़्मा अलग हो जाता है
- खून की कोशिकाएँ बदले के घोल के साथ वापस लौटाई जाती हैं
- नर्स ब्लड प्रेशर और आपकी हालत पर नज़र रखती है
- अंत में सिस्टम अलग कर दिया जाता है
आपको क्या महसूस होगा
- कैथेटर लगते समय चुभन
- ठंड लगना, होंठों या उँगलियों में झनझनाहट — नर्स को बताएँ
- कभी-कभी कमज़ोरी और चक्कर
उसके बाद
- उठने से पहले थोड़ी देर बैठें
- दिन के बाक़ी समय आराम करें
- अगर डॉक्टर ने रोका न हो, तो पानी पिएँ
- अगले सत्र तय समय-सारणी से कराएँ
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- चकत्ते, खुजली, चेहरे पर सूजन या साँस लेने में तकलीफ़ — आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
- बहुत तेज़ चक्कर, बेहोशी
- कैथेटर की जगह पर खून बहना या सूजन
- बुखार, कँपकँपी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या प्लाज़्माफेरेसिस सबके लिए "शरीर साफ़" करता है?
नहीं। यह एक इलाज की प्रक्रिया है, जो डॉक्टर कुछ ख़ास बीमारियों में ही बताते हैं।
कितने सत्र चाहिए होंगे?
यह बीमारी पर निर्भर करता है। आमतौर पर कोर्स में कई सत्र होते हैं।