बच्चे की नज़र की जाँच
बच्चों के आँख के डॉक्टर · बच्चे की नज़र की जाँच · बच्चे की आँखों की जाँच · चाइल्ड आई स्पेशलिस्ट
डॉक्टर देखते हैं कि आपके बच्चे को ठीक दिखता है या नहीं और आँखों की जाँच करते हैं। छोटे बच्चों के लिए तस्वीरें और खिलौने इस्तेमाल होते हैं।
नियमित जाँच में, अगर बच्चा आँखें सिकोड़ता है, पास से देखता है, भेंगापन है या आँखों की शिकायत करता है।
⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर 15–30 मिनट; पुतली की बूँदों के साथ 1–1.5 घंटे तक

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- समय. ऐसे समय आएँ जब बच्चा भूखा या नींद में न हो।
- मन बनाना. बच्चे से कहें कि तस्वीरों और टॉर्च का खेल होगा।
- बूँदें. अगर पुतली फैलाने की बूँदें डालेंगे तो जाँच के बाद कुछ घंटे नज़र धुँधली रहेगी, दिन की योजना उसी हिसाब से बनाएँ।
साथ क्या लाएँ
- बच्चे का पहचान पत्र
- बच्चे का चश्मा, अगर हो
- खिलौना या नाश्ता
यह कैसे होता है
- डॉक्टर आपसे शिकायतें पूछते हैं
- बच्चे से चार्ट की तस्वीरें या अक्षर बताने को कहा जाता है
- हर आँख अलग-अलग जाँची जाती है, दूसरी ढक दी जाती है
- बिना छुए यंत्र से नापा जाता है कि आँख कैसे फ़ोकस करती है
- कभी-कभी बूँदें डालकर 20–40 मिनट इंतज़ार किया जाता है
- डॉक्टर टॉर्च और लेंस से आँखें देखते हैं
आपको क्या महसूस होगा
- जाँच में दर्द नहीं होता
- बूँदें थोड़ी चुभ सकती हैं
- बूँदों के बाद रोशनी तेज़ लगती है और पास का कम दिखता है, कुछ घंटों में चला जाता है
उसके बाद
- अगर बूँदें डाली गईं तो बाहर टोपी या धूप का चश्मा मदद करेगा
- डॉक्टर बताएँगे कि चश्मा चाहिए या नहीं और अगली बार कब आना है
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- बूँदों के बाद आँख लाल हो, दर्द करे और बच्चा आँख न खोल पाए तो डॉक्टर को दिखाएँ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
किस उम्र से नज़र जाँची जाती है?
पहली जाँच आमतौर पर जन्म के पहले महीनों में होती है, फिर जाँच की योजना के अनुसार।
बूँदें क्यों डाली जाती हैं?
बूँदें आँख की मांसपेशियाँ ढीली करती हैं, जिससे डॉक्टर ज़्यादा सटीक देख पाते हैं कि चश्मा चाहिए या नहीं।
बच्चे को अक्षर नहीं आते तो कैसे जाँचेंगे?
छोटे बच्चों के लिए तस्वीरों वाले चार्ट और ऐसे यंत्र होते हैं जिनमें जवाब देना नहीं पड़ता।