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मिर्गी: दौरे में पहली मदद और रोज़ का जीवन
मिर्गी का दौरा · दौरा पड़े तो क्या करें · दौरे में पहली मदद · मिर्गी के साथ जीवन
मिर्गी ऐसी बीमारी है जिसमें दौरे बार-बार पड़ते हैं। ज़्यादातर लोगों को दवाओं से आराम मिलता है। परिवार वालों को पता होना चाहिए कि दौरे में कैसे मदद करनी है।
मिर्गी वाले लोगों, उनके परिवार, शिक्षकों और सहकर्मियों के लिए।
⏱ कितना समय लगता है: दौरा आमतौर पर 1–3 मिनट चलता है

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- दवाएँ. रोज़ एक ही समय पर लें। खुद बंद न करें और मात्रा न बदलें।
- डायरी. दौरे लिखें: तारीख़, समय, कितनी देर चला।
- कारण. नींद की कमी, शराब और गोली छोड़ देना अक्सर दौरे का कारण बनते हैं।
साथ क्या लाएँ
- दौरों की डायरी
- दवाओं की सूची
- दौरे का वीडियो, अगर परिवार ने बना लिया हो
यह कैसे होता है
- दौरे के समय शांत रहें और समय देखें
- आसपास से सख़्त और नुकीली चीज़ें हटाएँ
- सिर के नीचे कुछ नरम रखें
- व्यक्ति को पकड़ें नहीं और मुँह में कुछ न डालें
- जब झटके रुक जाएँ तो उसे करवट पर लिटा दें
- जब तक वह पूरी तरह होश में न आए, पास रहें
आपको क्या महसूस होगा
- दौरे के बाद व्यक्ति अक्सर नींद में और उलझन में होता है, यह सामान्य है
- सिर और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है
उसके बाद
- दौरा डायरी में लिखें
- अकेले तैरने या बिना देखरेख टब में नहाने से बचें
- गाड़ी चला सकते हैं या नहीं, यह डॉक्टर तय करते हैं
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- दौरा 5 मिनट से ज़्यादा चले तो आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
- दौरे एक के बाद एक पड़ें और व्यक्ति होश में न आए तो आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
- दौरा पानी में पड़े, चोट के साथ, गर्भावस्था में या पहली बार पड़े तो आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
- दौरे के बाद साँस लेने में दिक़्क़त हो तो आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सच है कि जीभ पकड़नी चाहिए?
नहीं। मुँह में कुछ न डालें, इससे दाँत टूट सकते हैं और चोट लग सकती है।
क्या मिर्गी के साथ काम और पढ़ाई कर सकते हैं?
हाँ, ज़्यादातर लोग सामान्य जीवन जीते हैं। पाबंदियों के बारे में डॉक्टर बताएँगे।