पट्टी बदलना (ड्रेसिंग)
पट्टी बदलवाना · घाव की ड्रेसिंग · ऑपरेशन के बाद की पट्टी · मरहम-पट्टी
नर्स या डॉक्टर पुरानी पट्टी हटाते हैं, घाव साफ़ करते हैं और नई पट्टी बाँधते हैं। इससे घाव साफ़ रहता है और जल्दी भरता है।
ऑपरेशन के बाद, कटने, जलने, छिलने, टाँकों और दूसरे घावों में।
⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर 10–20 मिनट

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- पट्टी. डॉक्टर की इजाज़त के बिना खुद पट्टी न खोलें। उसे सूखा रखें।
- दर्द. अगर पट्टी बदलते समय आमतौर पर दर्द होता है तो पहले से डॉक्टर से दर्द की दवा के बारे में पूछ लें।
- कपड़े. ढीले कपड़े, ताकि घाव वाली जगह आसानी से खुल सके।
साथ क्या लाएँ
- डिस्चार्ज पेपर या डॉक्टर की पर्ची
- पट्टी का सामान, अगर अपना लाने को कहा गया हो
यह कैसे होता है
- आप ऐसे बैठते या लेटते हैं कि घाव तक पहुँचा जा सके
- पुरानी पट्टी धीरे से हटाई जाती है; चिपकी हो तो घोल से गीला किया जाता है
- डॉक्टर या नर्स घाव को देखते हैं
- घाव और आसपास की त्वचा एंटीसेप्टिक से साफ़ की जाती है
- नई स्टराइल पट्टी बाँधकर टिकाई जाती है
आपको क्या महसूस होगा
- एंटीसेप्टिक से थोड़ी चुभन हो सकती है
- चिपकी पट्टी हटाना कभी-कभी असहज होता है, दर्द हो तो बताएँ
उसके बाद
- पट्टी सूखी और साफ़ रखें
- अगली ड्रेसिंग घाव की हालत देखकर तय होगी, अक्सर 1–3 दिन बाद
- नहाने से पहले पूछ लें कि पट्टी गीली हो सकती है या नहीं
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- पट्टी जल्दी खून से भीग जाए
- घाव लाल, सूजा हुआ, गर्म हो, मवाद आए या बदबू हो
- बुखार 38 °C से ज़्यादा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पट्टी कितनी बार बदलनी चाहिए?
अलग-अलग होता है: रोज़ से लेकर कुछ दिन में एक बार। घाव देखकर डॉक्टर बताएँगे।
क्या पट्टी घर पर बदल सकते हैं?
सादी पट्टी डॉक्टर के समझाने के बाद अक्सर घर पर बदल ली जाती है। मुश्किल घाव की ड्रेसिंग क्लिनिक में कराना बेहतर है।