पलकों के किनारे की सफ़ाई (ब्लेफ़ेराइटिस)
ब्लेफ़ेराइटिस · पलकों की सफ़ाई · पलकों की देखभाल · पलकों की सूजन
यह पलकों के किनारों की रोज़ की देखभाल है: गर्म सिंकाई, मालिश और सफ़ाई। इससे सूजन और आँखों का सूखापन कम होता है।
पलकों की लालिमा और खुजली में, पलकों पर पपड़ी में, आँखों में रेत जैसा महसूस होने पर।
⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर रोज़ 5–10 मिनट, कुछ हफ़्तों में सुधार

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- उत्पाद. पलकों के लिए वही उत्पाद इस्तेमाल करें जो डॉक्टर ने लिखा हो।
- हाथ. प्रक्रिया से पहले हाथ धोएँ।
- मेकअप. पलकों की देखभाल से पहले मेकअप उतार दें।
साथ क्या लाएँ
- डॉक्टर के लिखे अनुसार पलकों का उत्पाद
- साफ़ कपड़े या रुई के फाहे
यह कैसे होता है
- हाथ धोएँ
- बंद पलकों पर कुछ मिनट गर्म सिंकाई करें
- पलकों के किनारों की उँगलियों से हल्की मालिश करें
- बताए हुए उत्पाद से पलकों के किनारे और बरौनियाँ साफ़ करें
- अगर डॉक्टर ने लिखी हों तो बूँदें या मरहम लगाएँ
आपको क्या महसूस होगा
- दर्द नहीं होता
- शुरू में हल्की चुभन हो सकती है
- सुधार धीरे-धीरे आता है
उसके बाद
- रोज़ देखभाल करें, बेहतर होने पर भी
- हर आँख के लिए अलग कपड़ा इस्तेमाल करें
- अगर डॉक्टर ने कहा हो तो जाँच के लिए आएँ
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- आँख में तेज़ दर्द
- नज़र अचानक बिगड़ जाए
- पलक में तेज़ सूजन और लालिमा, बुखार के साथ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ब्लेफ़ेराइटिस हमेशा के लिए ठीक हो सकता है?
अक्सर यह लंबी चलने वाली हालत है। नियमित देखभाल इसे क़ाबू में रखती है।
क्या लेंस पहन सकते हैं?
बढ़ी हुई हालत में न पहनना बेहतर है। डॉक्टर से पूछ लें।