त्वचा की बायोप्सी
जांच के लिए त्वचा का टुकड़ा लेना · त्वचा की हिस्टोलॉजी · पंच बायोप्सी
डॉक्टर स्थानीय रूप से सुन्न करके त्वचा का छोटा टुकड़ा, या पूरी गांठ, निकालते हैं और माइक्रोस्कोप से जांच के लिए भेजते हैं।
जब देखकर पक्का न कहा जा सके कि यह कौन सा दाग़, तिल या चकत्ता है।
⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर 15–30 मिनट

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- तैयारी. खास तैयारी नहीं चाहिए। आमतौर पर हमेशा की तरह खा सकते हैं।
- त्वचा. प्रक्रिया वाले दिन उस जगह क्रीम और कॉस्मेटिक न लगाएं।
- दवाइयां. खून पतला करने की दवाइयां खुद से बंद न करें। डॉक्टर को बताएं, वे तय करेंगे।
साथ क्या लाएँ
- जांच का पर्चा
- त्वचा रोग विशेषज्ञ की पुरानी राय
- दवाइयों की सूची
यह कैसे होता है
- डॉक्टर जगह देखते हैं और त्वचा साफ़ करते हैं
- सुन्न करने का इंजेक्शन लगता है, त्वचा सुन्न हो जाती है
- एक छोटे औज़ार से त्वचा का टुकड़ा लिया जाता है
- घाव को टांके, पट्टी से बंद किया जाता है या दागा जाता है
- टुकड़ा छोटी शीशी में रखकर लैब भेजा जाता है
आपको क्या महसूस होगा
- सुन्न करने का इंजेक्शन कुछ सेकंड जलता है
- फिर बस दबाव, दर्द नहीं होना चाहिए
- सुन्नपन उतरने पर घाव में हल्का दर्द रहता है
उसके बाद
- पट्टी आमतौर पर 1–2 दिन सूखी रखें
- घाव की देखभाल वैसे करें जैसे डॉक्टर ने बताया
- टांके आमतौर पर 7–14 दिन में निकलते हैं, यह जगह पर निर्भर है
- नतीजा आमतौर पर 1–3 हफ़्ते में आता है
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- घाव को 15–20 मिनट दबाने पर भी खून न रुके
- लालिमा, सूजन और दर्द बढ़ता जाए, पीप आए, बुखार हो
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या तिल की बायोप्सी कराना ख़तरनाक है?
नहीं। बायोप्सी से तिल ज़्यादा ख़तरनाक नहीं होता। यह इसलिए की जाती है ताकि पक्का पता चले कि वह क्या है।
क्या निशान रह जाएगा?
आमतौर पर छोटा, जो समय के साथ हल्का पड़ जाता है। कहां और कैसा होगा, यह पहले डॉक्टर से पूछ लें।