ऑक्सीजन थेरेपी
ऑक्सीजन · ऑक्सीजन मास्क · नाक में ऑक्सीजन की नली · ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर
आप नाक की नलियों या मास्क से ऐसी हवा में साँस लेते हैं जिसमें ऑक्सीजन ज़्यादा है। इससे खून में ऑक्सीजन बढ़ती है।
जब खून में ऑक्सीजन कम हो: निमोनिया, फेफड़ों और हृदय की बीमारियों में, ऑपरेशन के बाद। कभी-कभी घर पर भी ऑक्सीजन लिखी जाती है।
⏱ कितना समय लगता है: कुछ घंटों से लेकर लगातार इस्तेमाल तक। डॉक्टर बताएँगे

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- सुरक्षा. ऑक्सीजन आग को बढ़ाती है। आसपास धूम्रपान, मोमबत्ती, गैस न जलाएँ और चेहरे पर चिकनाई वाली क्रीम न लगाएँ।
- मात्रा. कितनी ऑक्सीजन देनी है, यह डॉक्टर तय करते हैं। बहाव खुद न बदलें।
साथ क्या लाएँ
- दवाइयों की सूची
- पानी वाला लिप बाम। नाक और होंठ सूख सकते हैं
यह कैसे होता है
- नर्स नलियाँ या मास्क चुनती है
- नलियाँ नाक में लगाई जाती हैं और कानों के पीछे अटका दी जाती हैं
- डॉक्टर की बताई मात्रा पर ऑक्सीजन चालू की जाती है
- उँगली पर सेंसर लगाया जाता है। वह ऑक्सीजन का स्तर दिखाता है
- हमेशा की तरह साँस लें, नाक या मुँह से
आपको क्या महसूस होगा
- नाक में हवा का हल्का बहाव
- नाक और मुँह सूख सकते हैं
- नलियों से कानों के पीछे कभी-कभी रगड़ लगती है
उसके बाद
- ऑक्सीजन का स्तर नियमित रूप से जाँचा जाता है
- हालत सुधरने पर मात्रा धीरे-धीरे घटाई जाती है
- अगर घर के लिए ऑक्सीजन लिखी गई है, तो मशीन चलाना सिखाया जाएगा
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- साँस फूलना बढ़े, होंठ नीले पड़ें, उलझन हो या बहुत नींद आए, तो आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
- घर पर मशीन बंद हो जाए और ऑक्सीजन के बिना हालत बिगड़ रही हो, तो आपातकालीन सेवा (112) को कॉल करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ऑक्सीजन की आदत पड़ सकती है?
नहीं, आदत नहीं पड़ती। ऑक्सीजन तब तक दी जाती है जब तक शरीर को ज़रूरत है।
क्या नाक में नलियों के साथ खा और बोल सकते हैं?
हाँ, नाक की नलियाँ इसमें रुकावट नहीं डालतीं।