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मैमोग्राफ़ी
मैमोग्राम · स्तन का एक्स-रे · ब्रेस्ट का एक्स-रे · स्तन कैंसर की जाँच
स्तन का एक्स-रे। तस्वीर साफ़ आए इसलिए स्तन को कुछ सेकंड के लिए प्लेट से दबाया जाता है।
स्तन कैंसर को जल्दी पकड़ने के लिए, आमतौर पर 40 साल के बाद हर 2 साल में, या गाँठ महसूस होने पर।
⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर 10 से 20 मिनट

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- चक्र का दिन. माहवारी चक्र के 5वें से 12वें दिन के बीच सबसे सुविधाजनक है, तब स्तन कम संवेदनशील होते हैं। माहवारी न होती हो तो किसी भी दिन।
- त्वचा. जाँच वाले दिन स्तन और बगल में डियोडरेंट, क्रीम और पाउडर न लगाएँ, इनसे तस्वीर में धब्बे आते हैं।
- कपड़े. स्कर्ट या पैंट के साथ अलग टॉप पहनें, सिर्फ़ कमर से ऊपर कपड़े उतारने होते हैं।
साथ क्या लाएँ
- डॉक्टर की पर्ची
- पुराने मैमोग्राम और स्तन के अल्ट्रासाउंड, इनकी तुलना करना बहुत ज़रूरी है
यह कैसे होता है
- आप कमर तक कपड़े उतारकर मशीन के पास खड़ी होती हैं
- तकनीशियन एक स्तन को प्लेटफ़ॉर्म पर रखती हैं
- ऊपर से प्लेट नीचे आकर स्तन को कुछ सेकंड दबाती है
- तस्वीर ली जाती है, फिर दूसरा कोण और दूसरा स्तन, आमतौर पर कुल 4 तस्वीरें
आपको क्या महसूस होगा
- दबाव असहज लगता है, कभी-कभी दर्द भी, पर सिर्फ़ कुछ सेकंड
- ज़्यादा दर्द हो तो तकनीशियन को बता दें
उसके बाद
- रिपोर्ट आमतौर पर 1 से 3 दिन में
- कभी-कभी एक और तस्वीर या अल्ट्रासाउंड के लिए बुलाया जाता है, यह आम बात है, घबराएँ नहीं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्तन को इतना क्यों दबाते हैं?
इससे ऊतक बराबर फैल जाता है, तस्वीर साफ़ आती है और रेडिएशन की मात्रा कम रहती है।
मैमोग्राफ़ी या स्तन का अल्ट्रासाउंड?
दोनों अलग जाँचें हैं। मैमोग्राफ़ी आमतौर पर 40 के बाद होती है, अल्ट्रासाउंड कम उम्र में और पूरक के रूप में। यह डॉक्टर तय करते हैं।