आँख के पर्दे (रेटिना) की लेज़र थेरेपी
रेटिना की लेज़र · रेटिना को लेज़र से मज़बूत करना · लेज़र फोटोकोएगुलेशन · आँख के पर्दे पर लेज़र
डॉक्टर लेज़र से रेटिना पर छोटे-छोटे बिंदु बनाते हैं। इससे रेटिना मज़बूत होती है या बीमार नसें बंद हो जाती हैं।
रेटिना में छेद या पतलापन होने पर, डायबिटीज़ की वजह से रेटिना में बदलाव में, और आँख की नसों की कुछ बीमारियों में।
⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर 10 से 30 मिनट, तैयारी के साथ लगभग 1 से 1.5 घंटे

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- आना-जाना. पुतली फैलाई जाती है, प्रक्रिया के बाद गाड़ी न चलाएँ। साथ में किसी को लाएँ।
- खाना. आमतौर पर पहले खा सकते हैं, जब तक क्लिनिक कुछ और न कहे।
- दवाएँ. रोज़ की दवाएँ खुद से बंद न करें।
साथ क्या लाएँ
- धूप का चश्मा
- पहचान पत्र
- साथ आने वाला व्यक्ति
यह कैसे होता है
- आँख सुन्न की जाती है और ड्रॉप्स से पुतली फैलाई जाती है
- आप मशीन के सामने बैठते हैं और ठुड्डी सहारे पर रखते हैं
- आँख पर एक खास लेंस रखा जाता है
- डॉक्टर लेज़र निशाने पर लगाते हैं, आपको तेज़ चमक दिखती है
- डॉक्टर जिस तरफ़ कहें उधर देखना है और हिलना नहीं है
- लेंस हटाया जाता है और आँख धो दी जाती है
आपको क्या महसूस होगा
- तेज़ रोशनी की चमकें
- कभी-कभी चुभन या हल्का दर्द
- बाद में कुछ घंटे नज़र धुंधली रहती है
उसके बाद
- जब तक नज़र ठीक न हो, गाड़ी न चलाएँ
- अगर डॉक्टर कहें तो शुरू के दिनों में भारी सामान न उठाएँ और अचानक झुकें नहीं
- तय समय पर दोबारा जाँच के लिए आएँ
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या लेज़र से नज़र सुधरेगी?
आमतौर पर इसका मकसद नज़र को बचाए रखना है, ताकि वह और खराब न हो।
क्या इसे दोहराना पड़ता है?
कभी-कभी कई बैठकें चाहिए। डॉक्टर बताएँगे।