गोनियोस्कोपी (आंख के कोण की जांच)
गोनियोस्कोपी · आंख के कोण की जांच · लेंस से आंख की जांच
डॉक्टर आंख पर एक खास लेंस रखकर देखते हैं कि आंख से तरल निकलने की जगह कैसी बनी है।
ग्लूकोमा होने पर या उसके शक में, ग्लूकोमा के लेज़र इलाज से पहले।
⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर 5–15 मिनट; नतीजा डॉक्टर उसी समय बता देते हैं

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- लेंस. अगर कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो जांच से पहले उतारे जाएंगे — डिब्बा साथ लाएं।
- आना-जाना. कुछ देर नज़र थोड़ी धुंधली रह सकती है — आने-जाने की योजना बना लें।
साथ क्या लाएँ
- पहचान पत्र
- चश्मा
- लेंस का डिब्बा
यह कैसे होता है
- आंख को बूंदों से सुन्न किया जाता है
- आप ठोड़ी सहारे पर रखते हैं
- डॉक्टर जेल लगा लेंस आंख से धीरे से लगाते हैं
- आपसे अलग-अलग तरफ देखने को कहा जाता है
- लेंस हटाया जाता है, ज़रूरत हो तो आंख धोई जाती है
आपको क्या महसूस होगा
- आमतौर पर दर्द नहीं होता, बस छूने का एहसास होता है
- पलक झपकाने का मन होता है — डॉक्टर पलक थामने में मदद करते हैं
उसके बाद
- सुन्न करने वाली बूंदों का असर रहने तक आंख को न मलें
- हल्का धुंधलापन और लालिमा आमतौर पर जल्दी ठीक हो जाती है
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- जांच के बाद तेज़ दर्द या नज़र कमज़ोर होना — डॉक्टर को दिखाएं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह दर्दनाक है?
आमतौर पर नहीं: आंख को बूंदों से सुन्न कर दिया जाता है।
यह साधारण जांच से कैसे अलग है?
साधारण जांच में आंख का कोण नहीं दिखता। उसके लिए खास लेंस चाहिए।