डायबिटीज़ में आँखों की जाँच
डायबिटीज़ में आँख की जाँच · आँख के पर्दे की जाँच · डायबिटिक रेटिनोपैथी · रेटिना की जाँच
आँखों के डॉक्टर पुतली फैलाकर रेटिना (आँख के पर्दे) को देखते हैं। इससे डायबिटीज़ के बदलाव जल्दी पकड़ में आ जाते हैं, जब उन्हें रोका जा सकता है।
डायबिटीज़ वाले लोगों के लिए, आमतौर पर साल में एक बार; अगर पहले से बदलाव हैं तो ज़्यादा बार।
⏱ कितना समय लगता है: बूँदों के इंतज़ार समेत आमतौर पर 30–60 मिनट, नतीजा उसी समय

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- खाना और दवाएँ. खाना और दवाएँ हमेशा की तरह लें।
- आना-जाना. बूँदों के बाद गाड़ी चलाना मुश्किल होता है, किसी के साथ आना बेहतर है।
- धूप. धूप का चश्मा साथ लाएँ।
साथ क्या लाएँ
- पहचान पत्र
- चश्मा
- हाल की जाँच रिपोर्ट
- धूप का चश्मा
- ग्लूकोमीटर और कुछ खाने को
यह कैसे होता है
- नज़र और आँख का दबाव जाँचा जाता है
- पुतली फैलाने की बूँदें डाली जाती हैं
- 20–30 मिनट इंतज़ार करना होता है
- डॉक्टर एक लेंस से आँख का पर्दा देखते हैं
- कभी-कभी रेटिना की फ़ोटो या OCT की जाती है
आपको क्या महसूस होगा
- बूँदें हल्की चुभ सकती हैं
- जाँच में तेज़ रोशनी लगती है
- बूँदों के बाद कुछ घंटे पास का धुँधला दिखता है और रोशनी चुभती है
उसके बाद
- जब तक बूँदों का असर न उतरे, गाड़ी न चलाएँ
- नतीजा उसी समय बता दिया जाता है
- अगली जाँच डॉक्टर की योजना के अनुसार
- शुगर और ब्लड प्रेशर क़ाबू में रखना आँखों को बचाता है
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- नज़र अचानक बहुत ख़राब हो जाए
- आँख के सामने काला पर्दा या बहुत सारे काले धब्बे दिखें
- रोशनी की चमक दिखे
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अगर ठीक दिखता है तो क्यों जाएँ?
रेटिना के बदलाव लंबे समय तक महसूस नहीं होते। जाँच उन्हें जल्दी पकड़ लेती है।
क्या डायबिटीज़ में नज़र बचाई जा सकती है?
हाँ। शुगर और ब्लड प्रेशर पर क़ाबू और समय पर जाँच ज़रूरी है।