मोतियाबिंद के ऑपरेशन से पहले आँख की बायोमेट्री
आँख की बायोमेट्री · लेंस का हिसाब · IOL मास्टर · आँख की लंबाई नापना
मशीन आँख की लंबाई और कॉर्निया की बनावट नापती है। इन आँकड़ों से ऑपरेशन के लिए कृत्रिम लेंस चुना जाता है।
मोतियाबिंद हटाने के ऑपरेशन से पहले, कभी-कभी लेंस के दूसरे ऑपरेशनों से पहले।
⏱ कितना समय लगता है: आमतौर पर 10–20 मिनट, नतीजा तुरंत

डॉक्टर को ज़रूर बताएँ
तैयारी कैसे करें
- लेंस. कॉन्टैक्ट लेंस आमतौर पर कुछ दिन पहले उतारने को कहा जाता है — समय क्लिनिक बताएगा।
- मेकअप. आँखों पर बिना मेकअप के आएँ।
- आना-जाना. अगर पुतली फैलाई जाएगी, तो बाद में गाड़ी न चलाएँ।
साथ क्या लाएँ
- पहचान पत्र
- चश्मा
- आँखों के पुराने ऑपरेशनों की रिपोर्टें, अगर हों
- साथ चलने वाला, अगर बूँदें डाली जाएँगी
यह कैसे होता है
- आप मशीन के सामने बैठते हैं, ठुड्डी सहारे पर
- चमकती बिंदी को देखते हैं
- मशीन रोशनी से बिना छुए हर आँख नापती है
- कभी बूँदें डालकर अल्ट्रासाउंड से भी नापा जाता है
- डॉक्टर लेंस की क्षमता का हिसाब लगाते हैं
आपको क्या महसूस होगा
- दर्द नहीं होता
- तेज़ रोशनी, और कुछ सेकंड बिना पलक झपकाए देखना होता है
उसके बाद
- अगर बूँदें डाली गई हैं — आँखें न मलें
- इस नतीजे से लेंस चुना जाएगा
- ऑपरेशन की तारीख़ आमतौर पर मुलाक़ात में तय होती है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ऑपरेशन सामान्य हो तो भी नापना क्यों ज़रूरी है?
हर आँख अलग होती है। सटीक हिसाब से तय होता है कि ऑपरेशन के बाद आप कैसा देखेंगे।
क्या बिना चश्मे के पढ़ने के लिए लेंस चुन सकते हैं?
सर्जन से बात करें। अलग-अलग विकल्प हैं, डॉक्टर सही बताएँगे।