बेहोशी और दर्द से राहत
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लोकल एनेस्थीसिया (स्थानीय सुन्न करना)शरीर के एक छोटे हिस्से में दर्द रोकने की दवा का इंजेक्शन या लेप। आप होश में रहते हैं, पर उस जगह दर्द नहीं होता।⏱ असर आमतौर पर 1 से कुछ घंटों तक रहता हैसेडेशन (दवा से हल्की नींद)नस में दवा दी जाती है, जिससे आप हल्की नींद में सो जाते हैं। प्रक्रिया शांति से हो जाती है और आमतौर पर आपको कुछ याद नहीं रहता।⏱ सेडेशन खुद प्रक्रिया जितनी देर का होता है, होश में आने में आमतौर पर 30–60 मिनट लगते हैंऑपरेशन से पहले एनेस्थेटिस्ट से मुलाकातएनेस्थेटिस्ट आपसे मिलते हैं, आपकी सेहत के बारे में पूछते हैं और ऑपरेशन के लिए सबसे सुरक्षित बेहोशी या सुन्न करने का तरीका चुनते हैं।⏱ आमतौर पर 15–30 मिनट; कभी कुछ दिन पहले, कभी एक दिन पहले या ऑपरेशन वाले दिनबेहोशी (एनेस्थीसिया) से पहले भूखा रहना: क्या और कबबेहोशी से पहले पेट ख़ाली होना चाहिए। इससे सुरक्षा रहती है, सोते हुए पेट की चीज़ें फेफड़ों में नहीं जातीं।⏱ आमतौर पर खाना लगभग 6 घंटे पहले, पानी लगभग 2 घंटे पहले बंद; सही समय क्लिनिक बताएगाऑपरेशन के बाद दर्द की राहत (एपिड्यूरल कैथेटर, पंप)ऑपरेशन के बाद दर्द की दवा लगातार दी जाती है: पीठ में लगी पतली नली से या नस में लगे पंप से। पंप में जब दर्द हो, आप खुद बटन दबाते हैं।⏱ आमतौर पर ऑपरेशन के बाद 1–3 दिन, फिर गोलियों पर आ जाते हैंऑपरेशन के बाद घर पर दर्द का इलाजघर पर ऑपरेशन के बाद का दर्द डॉक्टर की योजना के अनुसार गोलियों से कम किया जाता है। जिसे दर्द में आराम मिलता है, वह जल्दी उठता है और जल्दी ठीक होता है।⏱ आमतौर पर कुछ दिन या हफ़्ते, दर्द धीरे-धीरे घटता हैबेहोशी से होश में आनाऑपरेशन के बाद आपको रिकवरी रूम में ले जाया जाता है। वहां नर्सों और डॉक्टर की निगरानी में आप होश में आते हैं।⏱ आमतौर पर 30 मिनट से 2 घंटे, फिर वार्ड में ले जाते हैं या घर जाने देते हैंपीठ दर्द के लिए एपिड्यूरल इंजेक्शनडॉक्टर रीढ़ में नस के पास सूजन कम करने वाली दवा लगाते हैं। इससे पीठ और पैर का दर्द कम होता है।⏱ प्रक्रिया आमतौर पर 15–30 मिनट, उसके बाद निगरानी लगभग 30–60 मिनटरीढ़ के जोड़ों की रेडियोफ्रीक्वेंसी डिनर्वेशनडॉक्टर करंट वाली पतली सुई से उन छोटी नसों को गरम करते हैं जो रीढ़ के जोड़ों से दर्द पहुंचाती हैं। दर्द कम हो जाता है।⏱ प्रक्रिया आमतौर पर 30–90 मिनट, उसके बाद लगभग एक घंटे निगरानी